Month: January 2017

शाम होते ही…

ॐ शाम होते ही हवाएँ गुम हैं साँस लें भी तो नहीं और जियें कैसे दिन के हर गर्दो गुबारों को लिए लौटा हूँ घर वह तो जब भूल …