Month: August 2015

जन गण मन

ॐ जन –आँख उठाये /तकते गगन उलझती आँखों से /संकट की राह भरोसा किसीका नहीं /हांफती जिंदगी जो छूता /वही पत्थर कहाँ जाए /किसे कहे एक खारा सैलाब /चल …

सुख – दुःख

ॐ जिस सुख को पाया है तूने क्या वह सुख तेरा है ? जिस दुःख को पाया है तूने क्या वह दुःख तेरा है ? क्या होता सुख पा …

साहित्य जीवन का कोलाज़ है

ॐ मानव जीवन की सनातन उपलब्धि का बोध जिस शास्त्र से प्रमाण सहित प्राप्त होता है उसका नाम साहित्य है . साहित्य नाम इसलिए कि इस चेतना की विशेषता …

कलाम को सलाम

ॐ आज फिर हम जुटे हैं तिरंगे हवा में लहराने जश्न मनाने /देश –भक्ति के – ज़ज्बे दिल में जगाने – खोजने होंगे उन शब्दों को जिससे एक कलाम …